8 रेलवे स्टेशनों के नाम फिर से बदले गए! जानिए नए नाम और वजह | Railway Station Name Update 2025

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Railway Station Name Update 2025: भारत में रेलवे हमेशा से लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा रहा है। लाखों लोग रोजाना ट्रेनों का इस्तेमाल करते हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में 8 रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने की खबर आई है, जो खास वजहों से हुई है। अगर आप रेलवे से जुड़े समाचार देखते हैं या अमेठी के आसपास रहते हैं, तो यह जानकारी आपके लिए बहुत जरूरी है। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि कौन-कौन से स्टेशन के नाम बदले गए हैं, इनके नए नाम क्या हैं और ऐसा क्यों किया गया है।


Railway Station Name Update 2025: जानिए कौन-कौन से 8 रेलवे स्टेशनों के नाम बदले गए

हाल ही में रेलवे मंत्रालय ने 8 स्टेशनों के नाम बदलने का फैसला किया है। यह बदलाव पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की मांग पर हुआ है। उनका मकसद था कि इलाके की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान को सम्मान मिले। नीचे उन 8 स्टेशनों के पुराने और नए नाम की पूरी लिस्ट दी गई है:

पुराना नाम नया नाम
Kasimpur Halt Jayas City
Jayas Guru Gorakhnath Dham
Misrauli Ma Kalikan Dham
Bani Swami Paramhans
Nihalgarh Maharaja Bijli Pasi
Akbarganj Maa Ahorva Bhawani Dham
Warisganj Halt Amar Shaheed Bhale Sultan
Fursatganj Tapeshwarnath Dham

क्यों बदले गए रेलवे स्टेशनों के नाम?

रेल मंत्रालय ने यह बदलाव स्थानीय लोगों की भावनाओं और ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखकर किया है। अमेठी जिले के आसपास कई धार्मिक स्थल, मंदिर और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में ये नाम रखे गए हैं।

उदाहरण के तौर पर, जईस स्टेशन का नाम बदलकर गुरु गोरखनाथ धाम रखा गया है क्योंकि इसके आसपास प्रसिद्ध गुरु गोरखनाथ का आश्रम है। वहीं, मिसरौली का नाम बदलकर मा कालिकान धाम रखा गया है, जो वहां के मंदिर के कारण जाना जाता है।

निहालगढ़ स्टेशन का नाम महाराजा बिजली पासी के नाम पर रखा गया है, जो पासी समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण राजा थे। इसी तरह, वारिसगंज को अमर शहीद भाले सुलतान का नाम दिया गया है, जो 1857 की क्रांति के एक वीर योद्धा थे।


इस बदलाव का असर यात्रियों पर

यह बदलाव यात्रियों के लिए जरूरी है क्योंकि अब टिकट बुकिंग करते वक्त आपको नए नाम से ही स्टेशन ढूंढ़ना होगा। IRCTC वेबसाइट, मोबाइल ऐप और रेलवे काउंटर पर भी नए नाम ही दिखेंगे।

अगर आप पुराने नाम से खोजेंगे, तो आपको टिकट नहीं मिलेगा। इसलिए सभी यात्रियों को नई जानकारी के अनुसार तैयारी करनी होगी।


लोगों की प्रतिक्रिया

स्थानीय लोग इस बदलाव को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कुछ लोग इसे अच्छा कदम मान रहे हैं क्योंकि इससे उनकी संस्कृति और इतिहास को पहचान मिली है। वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि नाम बदलने से ज्यादा जरूरी है रेलवे स्टेशनों की सुविधाओं और सुरक्षा पर ध्यान देना।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि सरकार को नाम बदलने के साथ-साथ रेलवे स्टेशनों की हालत सुधारने और दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी काम करना चाहिए।


नाम बदलने के फायदे क्या हैं?

  • संस्कृति और धर्म की पहचान: नाम बदलकर स्थानीय धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को सम्मान मिला है।

  • ऐतिहासिक नायकों को सम्मान: स्वतंत्रता संग्राम के वीरों को याद किया गया।

  • पर्यटन को बढ़ावा: नए नामों से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

  • स्थानीय लोगों में गर्व: लोगों को अपनी सांस्कृतिक विरासत पर गर्व महसूस होगा।


यात्रियों के लिए जरूरी सुझाव

  1. टिकट बुकिंग में नया नाम इस्तेमाल करें।

  2. IRCTC वेबसाइट और ऐप पर अपडेट रहें।

  3. अगर एजेंट से टिकट बुक करा रहे हैं तो उन्हें भी नए नाम बताएं।

  4. रेलवे स्टेशनों पर भी नए नाम के बोर्ड देखने को मिलेंगे, ध्यान दें।


रेलवे का यह नाम बदलना एक बड़ा कदम है जो स्थानीय संस्कृति और इतिहास को सम्मान देने वाला है। उम्मीद है कि यात्रियों के लिए यह बदलाव पहले की तुलना में ज्यादा सहज होगा।

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